कुंडली बनवाएं
विस्तृत जन्म कुंडली बनवाएं ऑनलाइन, सिर्फ जन्म की तिथि, समय और स्थान से। हमारी कुंडली सेवा आपको देती है वैदिक ज्योतिष पर आधारित भविष्यफल, ग्रह स्थिति और दोषों की जानकारी।
बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला
काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी...
श्री सूक्तम्
॥ वैभव प्रदाता श्री सूक्त ॥
हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्।चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥1॥
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्।यस्यां...
शिव रामाष्टकम
॥ श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् ॥
शिवहरे शिवराम सखे प्रभो, त्रिविधताप-निवारण हे...
शिव मृत्युञ्जय स्तोत्रम्
॥ शिव मृत्युञ्जय स्तोत्रम् ॥
रत्नसानुशरासनं रजताद्रिशृङ्गनिकेतनंशिञ्जिनीकृतपन्नगेश्वरमच्युतानलसायकम्।क्षिप्रदग्धपुरत्रयं त्रिदशालयैरभिवन्दितंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं...
॥ शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥
॥ शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥
जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्।
डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं
चकार...
॥ श्री हरि स्तोत्रम् ॥
॥ श्री हरि स्तोत्रम् ॥
जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालंशरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालं
नभोनीलकायं दुरावारमायंसुपद्मासहायम् भजेऽहं...
चालीसा
श्री कुबेर चालीसा
॥ दोहा ॥
जैसे अटल हिमालय, और जैसे अडिग सुमेर।ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर॥
विघ्न हरण मंगल करण,...
श्री महालक्ष्मी चालीसा
॥ दोहा ॥
जय जय श्री महालक्ष्मी, करूँ मात तव ध्यान।सिद्ध काज मम किजिये, निज शिशु सेवक जान॥
॥ चौपाई ॥
नमो...
श्री बजरंग बाण
श्री बजरंग बाण
॥ दोहा ॥
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥
॥ चौपाई...
आरती
॥ श्री शीतला चालीसा॥
॥ दोहा ॥
जय-जय माता शीतला, तुमहिं धरै जो ध्यान।
होय विमल शीतल हृदय, विकसै बुद्धि बलज्ञान॥
॥ चौपाई ॥
जय-जय-जय शीतला भवानी। ...
श्री कृष्ण चालीसा
॥ दोहा ॥
बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।अरुण अधर जनु बिम्बा फल,पिताम्बर शुभ साज॥
जय मनमोहन मदन छवि,...
श्री बजरंग बाण
श्री बजरंग बाण
॥ दोहा ॥
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥
॥ चौपाई...
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॥ आरती गजबदन विनायक की ॥
॥ आरती गजबदन विनायक की ॥
आरती गजबदन विनायक की।...
बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला
काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही...
अटूट भक्ति और निस्वार्थ सेवा की अमर कथा
भगवान हनुमान जी का...
श्री बजरंग बाण
श्री बजरंग बाण
॥ दोहा ॥
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय...
॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥
॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥
जय भैरव देवा प्रभुजय...
॥ श्री भैरव आरती ॥
॥ श्री भैरव आरती ॥
सुनो जी भैरव लाड़िले, कर...
॥ आरती ललिता माता की ॥
॥ आरती ललिता माता की ॥
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी।राजेश्वरी...
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कहानियाँ
सावन और शिव-पार्वती का विवाह – ब्रह्मांड का सबसे अलौकिक और पावन मिलन
माता पार्वती की कठोर तपस्या रंग लाई थी। वर्षों की कठोर...
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अष्टकम
शिव अष्टकम
॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥
प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं सदानन्द भाजाम्।भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे॥1॥
गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालंमहाकाल कालं गणेशादि पालम्।जटाजूट गङ्गोत्तरङ्गै...
शिव रामाष्टकम
॥ श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् ॥
शिवहरे शिवराम सखे प्रभो, त्रिविधताप-निवारण हे...
शिव अष्टकम
॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥
प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं...
Adi Shankara Krit Shivashtakam
॥ शिवाष्टकम् ॥
तस्मै नमः परमकारणकारणायदीप्तोज्ज्वलज्ज्वलितपिङ्गललोचनाय।
नागेन्द्रहारकृतकुण्डलभूषणायब्रह्मेन्द्रविष्णुवरदाय नमः शिवाय॥1॥
श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणायशैलेन्द्रजावदनचुम्बितलोचनाय।कैलासमन्दरमहेन्द्रनिकेतनायलोकत्रयार्तिहरणाय नमः शिवाय॥2॥
पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषायकृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय।भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकायनीलाब्जकण्ठसदृशाय...
Achyuta Ashtakam
॥ अच्युताष्टकम् ॥
अच्युतं केशवं रामनारायणंकृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्।श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभंजानकीनायकं...
स्तोत्र
श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम्
॥ श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम् ॥
प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदम्।विहितवहित्रचरित्रमखेदम्॥केशव धृतमीनशरीर जय जगदीश हरे॥1॥
क्षितिरतिविपुलतरे तव तिष्ठति...
स्तोत्र
परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम्
॥ परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् ॥
त्वमेकः शुद्धोऽसि त्वयि निगमबाह्या मलमयंप्रपञ्चं पश्यन्ति भ्रमपरवशाः पापनिरताः।बहिस्तेभ्यः कृत्वा स्वपदशरणं...
चालीसा
श्री बजरंग बाण
श्री बजरंग बाण
॥ दोहा ॥
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥
॥ चौपाई ॥
जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥जन के...
आरती
॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥
॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥
जय भैरव देवा प्रभुजय भैरव देवा,सुर नर मुनि सबकरते प्रभु तुम्हरी सेवा॥
ॐ जय भैरव देवा...
तुम पाप उद्धारकदुःख सिन्धु तारक,भक्तों के सुखकारकभीषण वपु धारक॥
ॐ जय...
आरती
॥ श्री भैरव आरती ॥
॥ श्री भैरव आरती ॥
सुनो जी भैरव लाड़िले, कर जोड़ कर विनती करूँ।कृपा तुम्हारी चाहिए, मैं ध्यान तुम्हारा ही धरूँ।मैं चरण छुता आपके, अर्जी मेरी सुन लीजिये॥
सुनो जी भैरव...


