Monday, February 9, 2026

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी...

श्री सूक्तम्

॥ वैभव प्रदाता श्री सूक्त ॥ हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्र​जाम्।चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥1॥ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्।यस्यां...

शिव रामाष्टकम

॥ श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् ॥ शिवहरे शिवराम सखे प्रभो, त्रिविधताप-निवारण हे...

शिव मृत्युञ्जय स्तोत्रम्

॥ शिव मृत्युञ्जय स्तोत्रम् ॥ रत्नसानुशरासनं रजताद्रिश‍ृङ्गनिकेतनंशिञ्जिनीकृतपन्नगेश्वरमच्युतानलसायकम्।क्षिप्रदग्धपुरत्रयं त्रिदशालयैरभिवन्दितंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं...

॥ शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥

॥ शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥ जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार...

॥ श्री हरि स्तोत्रम् ॥

॥ श्री हरि स्तोत्रम् ॥ जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालंशरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालं नभोनीलकायं दुरावारमायंसुपद्मासहायम् भजेऽहं...

Durga Saptashati Devimayi

॥ देवीमयी ॥ तव च का किल न स्तुतिरम्बिके!सकलशब्दमयी किल...

चालीसा

श्री कुबेर चालीसा

॥ दोहा ॥ जैसे अटल हिमालय, और जैसे अडिग सुमेर।ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर॥ विघ्न हरण मंगल करण,...

श्री महालक्ष्मी चालीसा

॥ दोहा ॥ जय जय श्री महालक्ष्मी, करूँ मात तव ध्यान।सिद्ध काज मम किजिये, निज शिशु सेवक जान॥ ॥ चौपाई ॥ नमो...

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई...

आरती

॥ श्री शीतला चालीसा॥

॥ दोहा ॥ जय-जय माता शीतला,  तुमहिं धरै जो ध्यान। होय विमल शीतल हृदय,  विकसै बुद्धि बलज्ञान॥ ॥ चौपाई ॥ जय-जय-जय शीतला भवानी। ...

श्री कृष्ण चालीसा

॥ दोहा ॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।अरुण अधर जनु बिम्बा फल,पिताम्बर शुभ साज॥ जय मनमोहन मदन छवि,...

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई...

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॥ आरती गजबदन विनायक की ॥

॥ आरती गजबदन विनायक की ॥ आरती गजबदन विनायक की।...

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही...

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय...

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥ जय भैरव देवा प्रभुजय...

॥ श्री भैरव आरती ॥

॥ श्री भैरव आरती ॥ सुनो जी भैरव लाड़िले, कर...

॥ आरती ललिता माता की ॥

॥ आरती ललिता माता की ॥ श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी।राजेश्वरी...

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चैतन्य महाप्रभु और राधा भाव की लीला

🌸 लीला जो श्री कृष्णा ने भी राधा बनकर जी— चैतन्य...

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माता पार्वती की कठोर तपस्या रंग लाई थी। वर्षों की कठोर...

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एक छोटे गाँव में गोपाल नाम का एक गरीब किसान रहता...

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शिव अष्टकम

॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥ प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं सदानन्द भाजाम्।भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे॥1॥ गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालंमहाकाल कालं गणेशादि पालम्।जटाजूट गङ्गोत्तरङ्गै...

शिव रामाष्टकम

॥ श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् ॥ शिवहरे शिवराम सखे प्रभो, त्रिविधताप-निवारण हे...

शिव अष्टकम

॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥ प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं...

Adi Shankara Krit Shivashtakam

॥ शिवाष्टकम् ॥ तस्मै नमः परमकारणकारणायदीप्तोज्ज्वलज्ज्वलितपिङ्गललोचनाय। नागेन्द्रहारकृतकुण्डलभूषणायब्रह्मेन्द्रविष्णुवरदाय नमः शिवाय॥1॥ श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणायशैलेन्द्रजावदनचुम्बितलोचनाय।कैलासमन्दरमहेन्द्रनिकेतनायलोकत्रयार्तिहरणाय नमः शिवाय॥2॥ पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषायकृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय।भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकायनीलाब्जकण्ठसदृशाय...

Achyuta Ashtakam

॥ अच्युताष्टकम् ॥ अच्युतं केशवं रामनारायणंकृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्।श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभंजानकीनायकं...

श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम्

॥ श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम् ॥ प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदम्।विहितवहित्रचरित्रमखेदम्॥केशव धृतमीनशरीर जय जगदीश हरे॥1॥ क्षितिरतिविपुलतरे तव तिष्ठति...

परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम्

॥ परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् ॥ त्वमेकः शुद्धोऽसि त्वयि निगमबाह्या मलमयंप्रपञ्चं पश्यन्ति भ्रमपरवशाः पापनिरताः।बहिस्तेभ्यः कृत्वा स्वपदशरणं...

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॥ आरती गजबदन विनायक की ॥

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श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥जन के...

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥ जय भैरव देवा प्रभुजय भैरव देवा,सुर नर मुनि सबकरते प्रभु तुम्हरी सेवा॥ ॐ जय भैरव देवा... तुम पाप उद्धारकदुःख सिन्धु तारक,भक्तों के सुखकारकभीषण वपु धारक॥ ॐ जय...

॥ श्री भैरव आरती ॥

॥ श्री भैरव आरती ॥ सुनो जी भैरव लाड़िले, कर जोड़ कर विनती करूँ।कृपा तुम्हारी चाहिए, मैं ध्यान तुम्हारा ही धरूँ।मैं चरण छुता आपके, अर्जी मेरी सुन लीजिये॥ सुनो जी भैरव...